मेरा नाम
मुझे बहुत ख़ुशी थी कि इतने लोगों ने मेरे पीछले ख़त पर टिप्पनी लिखी; लगता है कि किसी तरह से मैंने एक बात की जो आप लोगों के मनों में गूँजती गयी, और वह एक ख़ास और अनूठी बात ही है जो ऐसे भाव उभार सकती है। (काश वह इतनी प्रभावित होती कि मैं और लिख पाऊँ।)
मगर इन टिप्पणियों में लिखा गया था कि लोग मेरे बारे में और जानना चाहता है। क्यों अंत में मैं इकलौता बच्चा हूँ, मैं अपनेबारे बात करना बहुत पसंद करता हूँ। तो अब छोटी-सी तस्वीर बनाने की कोशिश करूँगा।
मेरे देश में मेरा नाम इतना अजीब नहीं था (यानी मुझे कभी नहीं वह परेशानी थी जो मेरे स्कूल के दोस्त रंजीत पर पड़ी, जिसको हमेशा "रांजी" कहता था।) लेकिन बहुत आम भी नहीं था। इसमें कुछ राहत मिली, क्योंकि नहीं चाहता था कि मैं कोई "क्रिस" या "माईकल" होऊँ, जिसको पूरे जीवन में बटकना चाहिए होगा दुसरे क्रिसों और माईकलों से मिलते-मिलते। मुझे बहुत कम किसी दुसरे "ग्रेग" से मिलता है, और जब भी ऐसा होता है, तभी संदेही हो जाता हूँ: यह कौन है जो मेरे अपने नाम के शाल में इधर-उधर फ़ैरता रहता?
लेकिन अगर वह बड़ा लाभ उठा सकता हूँ अपने नाम से, यह कमज़ोर भी है कि अगर मैं केवल "ग्रेग" हूँ जो मैं जानता हूँ, तो उस नाम की आवाज़ मेरी ही है। मतलब है कि चौबीस सालों बाद जो भी नसफल मेरी ज़िंदगी में, जो भी लज्जित (सही?), वह मेरा ही है - और मेरे नाम का। यानी जब में नौजवान था और हमेशा उदासी और self-absorption में डुबा हुआ था, तो मेरे नाम की आवाज़ सुनते पर ही शर्म से काँपता था।
अभी मैं इतना गंभीर नहीं हूँ और भी मैं रहता हूँ ऐसा जगह में (जयपुर) जहाँ मेरा नाम इतना आम नहीं। बहुत शुक्रगुज़ार हूँ कि एक ग्रेग चैपल इंडिया के क्रिकट टीम का मैनजर है।
एक बार मैंने पढ़ा कि मेरा नाम का मतलब है "देखनेवाला" है युनानी में। इससे दो और मतलब खींचे जाते है: गडरिया एक है, और इसलिए कैथलिक पोपों के लिए लोकप्रिय है: याद रखो कि हमारा कैलंडर Gregorian है:
किसी पोप ने बनाया। मगर एक और मतलब जो मुझे और अच्छा लगता है: चौकिदार। मैं कम सोता हूँ, और सच में अपना मन लगभग ग्यारह बजे ही तेज़ से चलने लगता है। मैं आदत से सोचना चाहता हूँ कि मैं पूरी रात दुनिया को देखबाल कर रहा हूँ: कम से कम एक दिन मैं ऐसा करूँगा अपने बच्चों के लिए।
मुझे बहुत ख़ुशी थी कि इतने लोगों ने मेरे पीछले ख़त पर टिप्पनी लिखी; लगता है कि किसी तरह से मैंने एक बात की जो आप लोगों के मनों में गूँजती गयी, और वह एक ख़ास और अनूठी बात ही है जो ऐसे भाव उभार सकती है। (काश वह इतनी प्रभावित होती कि मैं और लिख पाऊँ।)
मगर इन टिप्पणियों में लिखा गया था कि लोग मेरे बारे में और जानना चाहता है। क्यों अंत में मैं इकलौता बच्चा हूँ, मैं अपनेबारे बात करना बहुत पसंद करता हूँ। तो अब छोटी-सी तस्वीर बनाने की कोशिश करूँगा।
मेरे देश में मेरा नाम इतना अजीब नहीं था (यानी मुझे कभी नहीं वह परेशानी थी जो मेरे स्कूल के दोस्त रंजीत पर पड़ी, जिसको हमेशा "रांजी" कहता था।) लेकिन बहुत आम भी नहीं था। इसमें कुछ राहत मिली, क्योंकि नहीं चाहता था कि मैं कोई "क्रिस" या "माईकल" होऊँ, जिसको पूरे जीवन में बटकना चाहिए होगा दुसरे क्रिसों और माईकलों से मिलते-मिलते। मुझे बहुत कम किसी दुसरे "ग्रेग" से मिलता है, और जब भी ऐसा होता है, तभी संदेही हो जाता हूँ: यह कौन है जो मेरे अपने नाम के शाल में इधर-उधर फ़ैरता रहता?
लेकिन अगर वह बड़ा लाभ उठा सकता हूँ अपने नाम से, यह कमज़ोर भी है कि अगर मैं केवल "ग्रेग" हूँ जो मैं जानता हूँ, तो उस नाम की आवाज़ मेरी ही है। मतलब है कि चौबीस सालों बाद जो भी नसफल मेरी ज़िंदगी में, जो भी लज्जित (सही?), वह मेरा ही है - और मेरे नाम का। यानी जब में नौजवान था और हमेशा उदासी और self-absorption में डुबा हुआ था, तो मेरे नाम की आवाज़ सुनते पर ही शर्म से काँपता था।
अभी मैं इतना गंभीर नहीं हूँ और भी मैं रहता हूँ ऐसा जगह में (जयपुर) जहाँ मेरा नाम इतना आम नहीं। बहुत शुक्रगुज़ार हूँ कि एक ग्रेग चैपल इंडिया के क्रिकट टीम का मैनजर है।
एक बार मैंने पढ़ा कि मेरा नाम का मतलब है "देखनेवाला" है युनानी में। इससे दो और मतलब खींचे जाते है: गडरिया एक है, और इसलिए कैथलिक पोपों के लिए लोकप्रिय है: याद रखो कि हमारा कैलंडर Gregorian है:
किसी पोप ने बनाया। मगर एक और मतलब जो मुझे और अच्छा लगता है: चौकिदार। मैं कम सोता हूँ, और सच में अपना मन लगभग ग्यारह बजे ही तेज़ से चलने लगता है। मैं आदत से सोचना चाहता हूँ कि मैं पूरी रात दुनिया को देखबाल कर रहा हूँ: कम से कम एक दिन मैं ऐसा करूँगा अपने बच्चों के लिए।

3 Comments:
बहुत अच्छा ग्रेग जी, आपका परिचय देने का अन्दाज निराला है।
तो अभी आप जयपुर में हैं.
नाम तो आपका काफी हद तक युनिक है. पर इन दिनों हर भारतीय ग्रेग (चैपल ) को खोज रहा है, सम्भल कर रहना :)
बहुत शुक्रगुज़ार हूँ कि एक ग्रेग चैपल इंडिया के क्रिकट टीम का मैनजर है।
-नेक सलाह मानों, इंडिया मे घूमते समय ऐसी बात नहीं करते...:)
वैसे लेखनी बढ़ियां होती जा रही है, लिखते रहो!!
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